Highlights
- About the Story/Aarti
- Spiritual Benefits
- Author's Note

दुर्गा माता की आरती: जय अम्बे गौरी
By Avani Sharma
Published: May 13, 2026
|Last Updated: May 14, 2026
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥
मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को। उज्जवल से दोऊ नैना, चंद्रबदन नीको॥
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै। रक्तपुष्प गलमाला, कंठन पर साजै॥
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी। सुर-नर मुनिजन सेवत, तिनके दुःखहारी॥
कानन कुंडल शोभित, नासाग्रे मोती। कोटिक चंद्र दिवाकर, राजत सम ज्योति॥
चंड-मुंड संहारे, महिषासुर घाती। धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती॥
ब्रह्माणी, रुद्राणी, तुम कमला रानी। आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी॥
चौसठ योगिनी गावत, नृत्य करै भैरू। बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजै डमरू॥
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भवानी। भक्तन की दुःख हरता, सुख संपत्ति कानी॥
भुजा चार अति शोभित, खड्ग खप्परधारी। मनवांछित फल पावत, सेवत नर-नारी॥
कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती। श्री मालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति॥
श्री अम्बे जी की आरती, जो कोई नर गावे। कहत शिवानंद स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

About the Story/Aarti
यह प्रसिद्ध दुर्गा आरती देवी अम्बे के रूप, शक्ति और करुणा का सुंदर स्तवन है। इसमें माता के दिव्य स्वरूप, महिषासुर मर्दिनी रूप, और भक्तों के दुःख हरने वाली शक्ति का वर्णन किया गया है। यह आरती न केवल पूजा के समय वातावरण को पवित्र बनाती है, बल्कि मन में श्रद्धा, साहस और सकारात्मक ऊर्जा भी जगाती है।
Spiritual Benefits
आरती के आध्यात्मिक लाभ
दुर्गा माता की आरती का नियमित पाठ और श्रवण अनेक शुभ फल देता है।
- मन में भक्ति और शांति का अनुभव होता है
- नकारात्मक ऊर्जा और भय कम होते हैं
- माता रानी की कृपा और सुरक्षा की भावना बढ़ती है
- जीवन में साहस, शक्ति और आत्मविश्वास मिलता है
- परिवार में सुख, समृद्धि और मंगल की कामना होती है
Author's Note
यह भक्तिमय सामग्री Rajbir Saini द्वारा संकलित और लिखी गई है। और अधिक दिव्य छवियाँ, आरतियाँ और पवित्र कहानियाँ देखने के लिए godsphoto.com पर अवश्य जाएँ।
Frequently Asked Questions
1. Durga Mata ki Aarti "Jai Ambe Gauri" kisliye gayi jaati hai?
Yeh aarti Maa Durga ke divya roop, shakti aur karuna ka stavan hai. Isse bhakt Mata Rani ki kripa, protection aur positive energy ka anubhav karte hain.
2. "Jai Ambe Gauri" aarti padhne ka kya spiritual benefit hai?
Is aarti ke paath se man mein shanti, bhakti aur sahas badhta hai. Saath hi negative energy aur darr kam hote hain.
3. Kya Durga Mata ki aarti se manokamna poori hoti hai?
Parampara ke anusaar, shraddha se ki gayi aarti se manokamna poori hone ki aasha badhti hai. Yeh bhakton ko blessings, confidence aur sakaratmak soch deti hai.
4. Mahishasur Mardini roop ka matlab kya hai?
Mahishasur Mardini ka matlab hai Maa Durga ka woh roop jo asur Mahishasur ka vinash karta hai. Yeh burai par achhai ki jeet ka pratik hai.
5. Durga Mata ki aarti kab karni chahiye?
Is aarti ko subah ya shaam ke pooja samay par karna sabse shubh mana jata hai. Navratri aur Durga puja ke time iska mahatva aur bhi badh jata hai.
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